जिला कलेक्टर कैसे बने

कलेक्टर एक ऐसा व्यक्ति होता जो की सरकार द्वारा चुना जाता है और उस व्यक्ति को किसी एक डिस्ट्रिक्ट का प्रशाशानिक अधिकारी बनाया जाता है जो की सारे छोटे – बड़े फैसले लेता है जैसे की सरकारी योजनाओ को लागू करना , कर्ज वसूली करना , भूमि अधिग्रहण , आम जनता से मिलना और उनकी समस्याओ का निदान करना आदि | इसके अलावा कलेक्टर को अपने जिला से संबंधीत कानूनी व्यवस्था का रिपोर्ट बनाना और उसे सरकार को देना जैसा काम शामिल है |

Collector के लिए योग्यता – 

सिविल सर्विस एग्जाम के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो आपके पास कम से कम बैचलर की डिग्री होनी चाहिए। इस एग्जाम के लिए मिनिमम परसेंटेज की कोई शर्त नहीं है। यानी अगर आप ग्रैजुएशन कर चुके हैं तो आप परीक्षा में बैठ सकते हैं। वैसे इसके लिए आप उस समय भी आवेदन कर सकते हैं जब फाइनल इयर में हों | इसके अलावा कैंडिडेट इंडिया , नेपाल या भूटान से होना चाहिए |

Collectorहेतु आयु सीमा 

  • Collector बनने के लिए General Category के छात्र के लिए उम्र 21-32 साल होनी चाहिए तथा इस Category के छात्र सिर्फ 6 बार ही Collector की परीक्षा दे सकते हैं |
  • OBC Category के छात्र के लिए उम्र 21-35 साल तक होनी चाहिए तथा इस Category के छात्र सिर्फ 9 बार ही Collector की परीक्षा दे सकते हैं |
  • SC/ST Category के छात्र के लिए उम्र 21-37 साल होनी चाहिए तथा इस Category के छात्र, जितनी बार चाहें इस परीक्षा को दे सकते हैं

Collector Course की सैलरी 

  • Collector की सैलरी की बात करें तो ये विभिन्न संरचनाओं के आधार पर होता है, जैसे कि Junior Scale, Senior Scale, Super Time Scale वेतनमानों में अलग-अलग वेतन बैंड होते हैं Collector भी एचआरए मूल या आधिकारिक आवास का 40 प्रतिशत के हकदार होता है साथ ही उन्हें DA, TA भी मिलता है. इसमें Cabinet Secetry, Apx, Super Time Scale के आधार पर सैलरी बढ़ती जाती है |
  • Collector की सैलरी 60,000 से शुरू होकर 2.5 लाख तक होता है तथा बहुत से प्रकार के भत्ते दिए जाते हैं. Collector के लिए एक गाड़ी मुफ्त दी जाती है Collector का टेलीफोन बिल व बिजली बिल फ्री होता है यदि कहीं प्राइवेट क्षेत्र में रहना पड़ता है तो पूरा खर्चा सरकार देती है और भी बहुत से भत्ते Collector को दिए जाते हैं |

Collector चयन प्रक्रिया – कलेक्टर बनने के लिए आपको सबसे पहले UPSC द्वारा आयोजित Civil Services Exam की परीक्षा पास करना पड़ता है लेकिन आपको उससे पहले ग्रेजुएट होना जरूरी है तभी आप इस परीक्षा के लिए अप्लाई कर सकते है |

  • Preliminary Exam :- यह परीक्षा यूपीएससी की पहली परीक्षा होती है जिसे आपको पास करना पड़ता हैं | यह परीक्षा जून – जुलाई से अगस्त के बीच होती हैं | इस परीक्षा मे 2 पेपर होते है पहला सामान्य ज्ञान और दूसरा सिविल सर्विसेस एप्टिट्यूड टेस्ट | ये दोनों ही पेपर 250-250 अंको के होते है और इस परीक्षा को पास करने के बाद आपको मुख्य परीक्षा देना होता है |
  • मुख्य परीक्षा / Main Exam :- इस परीक्षा मे आपको 9 पेपर देना होता है जो की नीचे दिये गए है भारतीय भाषा (Indian Language) – इसमे कुल 18 भाषाओ मे से आप एक भाषा चुन सकते है | यह पेपर 200 अंको का होता है | अंग्रेजी (English) – यह पेपर भी 200 अंको को होता है और इसके अंक भी मुख्य परीक्षा मे नहीं जोड़े जाते है | निबंध (Essay) – इस परीक्षा मे आपको दिये गए 2 विषयो पर आपको निबंध लिखना होता है
  • 1) यह पेपर 250 अंको का होता है |
  • 2) सामान्य अध्ययन कुल अंक 250
  • 3) सामान्य अध्ययन कुल अंक 250
  • 4) सामान्य अध्ययन कुल अंक 250
  • 5) सामान्य अध्ययन कुल अंक 250

यह पेपर का विषय विकल्पिक होता है को आप चुन सकते है यह भी 250 अंको को ही होता है यह पेपर का वेकल्पिक होता है और 250 अंको को होता है |

Interview :- अंत मे आपको इंटरव्यू के लिए जाना होता है जिसमे मुख्य परीक्षा के रिज़ल्ट के मेरिट के आधार पर बुलाया जाता है | इंटरव्यू कुल 750 अंको का होता है |

Collector के कार्य 

  •  जिले में घटित होने वाले वार्षिक अपराधों की सूची सरकार के समक्ष प्रस्तुत करना
  •  पुलिस और जेल का निरीक्षण करना
  • जिले में होने वाले सभी विकास कार्यों की जानकारी मंडल आयुक्त को देना
  • जिले में अकाल महामारी की स्थिति में केंद्र सरकार से चारे की व्यवस्था करवाना
  • जिला कलेक्टर जिले का प्रमुख होता है इसलिए उनके ऊपर और भी अधिक कार्य सरकार द्वारा सोपे पर जाते हैं|

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