PIL Full Form In Hindi

PIL Full Form In Hindi: PIL को जनहित याचिका कहा जाता है। PIL को सबसे पहले सन 1986 मे चीफ जस्तिस पी एन भगवती  ने  इसकी शुरुवात की थी। जनता के हित से जुड़े कुछ केश होते है। जिसको न्याय दिलाने के दिलाने जनहित याचिका मे पेशकाश किया जाता है। न्यायालय मे कई बार  आदेश दिए गए लेकिन उन आदेशों को तोडना पड़ा। जैसे -वर्ष 2010 मे सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिल्ली में bina cng वाली बसों  मे प्रतिबंध लगाने के लिए आदेश दिया गया। इस आदेश को दिल्ली सरकार को तोड़ना पड़ा  और बस चलाने का आदेश दिया गया।

What is PIL in hindi

PIL का नाम आप सभी ने सुना होगा जिसको जनहित याचिका कहते है। इसका मतलब यह की बहुत से ऐसे केश होते है। जिनको दायर करने के लिये बहुत से व्यक्ति  सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट मे एक अपील दर्ज करायी जाती है। जिसको pIL या जनहित याचिका कहा जा सकता है। भारत का कोई भी नागरिक वकील की मदद ले कर  न्यायालय में  अपनी केश फ़ाइल दर्ज करा सकते है। जिस मामले को लेकर आपको न्यायालय में केस दर्ज करना है। उसके खिलाफ सारे सबूत इकठे करके ही  pil मे केश लड़ने के लिये किसी वकील को हायर करना पड़ता है। इसमें आपको लगभग वकील की फीस 10-15 हज़ार होती है।

PIL full form in hindi

1. PIL full form in hindi :-जनहित याचिका है।
2. PIL full from in english :- public Intreset litigation.
PIL को public intreset litigation या जनहित याचिका कहा जाता है। piL के अंतर्गत जब कोई व्यक्ति सामाजिक, आर्थिक रूप से  कमज़ोर  के कारण वह न्यायालय में अपना केश दर्ज करने के लिये नहीं जा सकता है। तो किसी  दूसरे व्यक्ति की मदद ले कर अपना अधिकार पाने के लिये न्यायालय में अपना केश दायर किया जा सकता है।
न्यायालय मे अपने अधिकार के लिये जैसे – समाजिक अधिकार, शिक्षा अधिकार, समाज मे हो रहे अत्याचार के खिलाफ,आप कोई सरकारी नौकरी के लिये आपसे रिश्वत मांगते आदि को जनहित याचिका दर्ज करने के लिये आपको पत्र लिख कर डाक के माध्यम से न्यायालय तक  अपने दायर को वकील के द्वारा सुप्रमी कोर्ट के काउंटर तक अपना केश का पत्र जमा करा सकता है। किसी फैक्ट्री मे आपके बधुवा मजदूर की तरह आपको कम करवा रहे है। फैक्ट्री का मालिक और पैसे भी नहीं दे रहा है। तो उसके खिलाफ आप न्यायालय में केस दर्ज करवाने के लिये आप वकील भी हायर कर सकते है। ताकि आपको न्याय मिल
सके।

Conclusion

PIL को जनहित याचिका भी कहते है। हमको किसी भी मामले मे न्याय पाना चाहते है। तो हमको न्यायालय मे जाना चाहिये और दुसरो को भी न्याय दिलवाना चाहिये। जनहित याचिका  मे हम अपने केश दर्ज करवा सकते है। जैसे -महिलाओ के ऊपर समाज मे हो रहे अत्याचार, दहेज़- प्रथा,अपहरण,बलात्कार  आदि को लेकर हम PIL मे केश दर्ज करके, हो रहे अत्याचारो से न्यायालय मे वकील हायर करके आप न्याय पा सकते है और गरीबो के ऊपर अत्याचार हो रहा है। उनसे उनकी ज़मीन छीन ली जाती है। इसके खिलाफ भी  न्यायालय मे केश दर्ज करवाना चाहिए, ताकि उनको न्याय मिले।
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