IFS Kaise Bane In Hindi

 IFS Kya Hota Hai , आईएफएस (IFS) का फुल फॉर्म क्या है , ifs kya hai in hindi ,IFS Full Form

1.) IFS क्या है :- भारतीय विदेश मन्त्रालय के कार्य को चलाने के लिए एक विशेष सेवा वर्ग का निर्माण किया गया है जिसे भारतीय विदेश सेवा (Indian Foreign Service I.F.S.) कहते हैं। यह भारत के पेशेवर राजनयिकों का एक निकाय है। यह सेवा भारत सरकार की केंद्रीय सेवाओं का हिस्सा है। भारत के विदेश सचिव भारतीय विदेश सेवा के प्रशासनिक प्रमुख होते हैं।

 2.) IFS Full Form :- IFS को (Indian Foreign Service I.F.S.) के नाम से जाना जाता है |

 3.) IFS Full Form In Hindi :- IFS को हिंदी मे भारतीय विदेश सेवा के नाम से जाना जाता है |

 4.) IFS के लिए योग्यताए :- :- सिविल सर्विस एग्जाम के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो आपके पास कम से कम बैचलर की डिग्री होनी चाहिए। इस एग्जाम के लिए मिनिमम परसेंटेज की कोई शर्त नहीं है। यानी अगर आप ग्रैजुएशन कर चुके हैं तो आप परीक्षा में बैठ सकते हैं। वैसे इसके लिए आप उस समय भी आवेदन कर सकते हैं जब फाइनल इयर में हों | इसके अलावा कैंडिडेट इंडिया , नेपाल या भूटान से होना चाहिए |

5.) IFS हेतु आयु सीमा :- IAS के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष है जबकि अधिकतम आयु सीमा हर वर्ग के हिसाब से अलग-अलग निर्धारित की गयी है। इसके अलावा कुछ विशेष वर्ग को इसमें छूट दी जाती है |

  • General Category –32 वर्ष
  • OBC –35 वर्ष (3 वर्ष की छूट)
  • SC/ST –37 वर्ष (5 वर्ष की छूट)
  • EWS –32 वर्ष (कोई छूट नहीं)
  • विकलांग– 42 वर्ष (10 वर्ष की छूट)

6.) IFS सैलरी :-भारतीय विदेश सेवा जिसे इंग्लिश में इंडियन फारेन सर्विस (आईएफएस) कहा जाता है, भारत के सबसे लोकप्रिय प्रफेशन में से एक है। हर साल लाखों अभ्यर्थी यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सर्विस का एग्जाम देते हैं लेकिन मुट्ठी भर अभ्यर्थी ही एग्जाम क्लियर करते हैं। उनमें से भी इंडियन फोरेन सर्विस में ऑफिसर बनने वालों की संख्या बहुत कम होती है। अकसर लोगों में यह जानने की उत्सुकता होती है कि एक आईएएस ऑफिसर को कितनी सैलरी मिलती है

  • आईएफएस ऑफिसर को काफी अच्छी सैलरी मिलती है। आईएफएस ऑफिसर की कुल सैलरी हर महीने 56100 रुपये सशुरू होकर 250000 रुपये तक जाती है।

7.) IFS चयन प्रक्रिया :- IFS बनने के लिए आपको IFS की परीक्षा को पास करना होगा। यह परीक्षा 3 चरणों में होती है जिसके बारे में आपको निचे बताया है, तथा जो
उम्मीदवार इस परीक्षा में उत्तीर्ण होते है उन्हें उनके रैंक के अनुसार IFS या अन्य अधिकारी बनाया जाता है।

  • प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Examination)
  • मुख्य परीक्षा (Main Examination)
  • साक्षात्कार (Interview)

प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exam)

प्रारंभिक परीक्षा IFS की 1st स्टेज होती है जिसे क्लियर करने के बाद उम्मीदवार इसकी 2nd स्टेज यानि मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकते है। UPSC द्वारा आयोजित सिविल परीक्षा में नई परीक्षा प्रणाली के अनुसार वर्तमान में प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्नपत्र होते है जनरल एबिलिटी टेस्ट और सिविल सर्विस एप्टीटुड टेस्ट। यह क्वालीफाइंग पेपर के रूप में होते है दोनों प्रश्नपत्र 200 – 200 अंको के होते है |

मुख्य परीक्षा (Main Exam)

सिविल सेवा परीक्षा का दूसरा चरण मुख्य परीक्षा होती है। उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने के पश्चात् ही मुख्य परीक्षा दे सकते है। इसके लिए उम्मीदवारो को लगभग 2 से 3 महीने का समय दिया जाता है। जिस प्रकार प्रारंभिक परीक्षा पूरी तरह वस्तुनिष्ठ (OBJECTIVE) प्रश्न पर आधारित होती है उसके विपरीत मुख्य परीक्षा में अलग-अलग शब्द सीमा वाले वर्णात्मक प्रश्न पूछे जाते है जिसमें अपने शब्दों में हमें उत्तर लिखना होता है। इसमें सफल होने के लिए अच्छी लेखन शैली की आवश्यकता होती है। IFS की परीक्षा में विषयों का चयन एक महत्वपूर्ण चरण होता है इसी पर आपकी सफलता निर्धारित होती है |

साक्षात्कार (Interview)

प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवार का साक्षात्कार लिया जाता है। यह IFS एग्जाम या UPSC का अंतिम चरण इंटरव्यू होता है जिसमें सफल होने पर आपकी नौकरी पक्की हो जाती है। IFS एग्जाम के इंटरव्यू का कोई पैटर्न नही होता है ये किसी भी विषय से जुड़ा हो सकता है आईएफएस इंटरव्यू के सवाल थोड़े अलग टाइप के हो सकते है |

  • IFS के कार्य :- वृत्तिक (Professional) राजनयिक के तौर पर आईएफएस अधिकारी से यह आशा की जाती है कि वह विभिन्न मुद्दों पर देश और विदेश दोनों में भारत के हितों का ध्यान रखेगा और इसे आगे बढ़ाएगा। इनमें द्विपक्षीय राजनीतिक और आर्थिक सहयोग, व्यापार और निवेश संवर्द्धन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, प्रेस और मीडिया संपर्क तथा सभी बहुपक्षीय मुद्दे शामिल हैं।
  • आईएफएस अधिकारी मुख्यत: देश के बाह्य मामलों जैसे- कूटनीति, व्यापार, सांस्कृतिक संबंधों, प्रवास संबंधित मामलों आदि से संबंधित कार्यों को संपादित करते हैं|
  • ये भारत की विदेश नीति के निर्माण तथा क्रियान्वयन में संलग्न रहते हैं|
  • ये अपने दूतावासों, उच्चायोगों और संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय संगठनों के स्थायी मिशनों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं|
  • नियुक्त किये जाने वाले देश में भारत के राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना इनका मुख्य उद्देश्य होता है।
  • अनिवासी भारतीयों और भारतीय मूल के व्यक्तियों सहित मेज़बान राष्ट्र और उसकी जनता के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध बनाए रखने में इनकी मुख्य भूमिका होती है।
  • ये विदेश में उन घटनाक्रमों की सही-सही जानकारी देते हैं, जो भारत के नीति-निर्माण को प्रभावित कर सकती हैं।
  • मेज़बान राष्ट्र के प्राधिकारियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर समझौता-वार्ता करने की ज़िम्मेदारी भी इन्हीं की होती है।
  • विदेश मंत्रालय, भारत के विदेश संबंधों से जुड़े सभी पहलुओं के लिये उत्तरदायी है। क्षेत्रीय प्रभाग, द्विपक्षीय राजनीतिक और आर्थिक कार्य देखते हैं, जबकि क्रियात्मक प्रभाग,  नीति-नियोजन, बहुपक्षीय संगठनों, क्षेत्रीय दलों, विधिक मामलों, निःशस्त्रीकरण, नवाचार, भारतीय डायस्पोरा, प्रेस और प्रचार, प्रशासन तथा अन्य कार्यों को देखते हैं।

8.) IFS सलेबस :- संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) नेसिविल सेवा मुख्य परीक्षा के पैटर्न को 2015 से संशोधित किया है। वर्तमान में, 7 + 2 = 9 पेपर हैं। प्रत्येक पेपर वर्णनात्मक प्रकार का है। दो क्वालीफाइंग पेपर हैं – कोई भी भारतीय भाषा व अंग्रेजी, प्रत्येक के 300 अंक हैं। किसी भी तरह, ये अंक मुख्य परीक्षा में नहीं गिने जाते हैं। अभ्यर्थी अंग्रेजी में या संविधान की आठवीं अनुसूची से किसी भी एक भाषा को परीक्षा लिखने के माध्यम के रूप में चुन सकते हैं। IFS परिक्षा का पाठ्यक्रम बहुत ही विस्तृत एंव व्यापक है –

क्र. सं. विषय विभाजन पाठ्यक्रम विवरण
1 इतिहास

भारत का इतिहास

और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन

प्राचीन भारतीय इतिहास

मध्यकालीन भारतीय इतिहास

आधुनिक भारतीय इतिहास

 

2 भूगोल

भारत एंव विशव भूगोल

प्राकृतिक भूगोल

मानवीय भूगोल

आर्थिक भूगोल

3 भारतीय राज्यतंत्र और शासन भरतीय संविधान

राजनैतिक प्रणाली

पंचायती राज

लोक नीति

अधिकारों सम्बंधी मुद्दे आदि

4 अर्थव्यवस्था

आर्थिक एंव सामाजिक विकास

सतत् विकास

गरीबी समावेशन

जंसंख्यिकी

सामाजिक क्षेत्र में की गई पहल आदि

5 पर्यावरण और पारिस्थितिकीय

पर्यावरण और पारिस्थितिकी के सिद्धांत

जेव-विविधता और मौसम परिवर्तन

सामान्य सिद्धांत सम्बंधी सामान्य मुद्दे

विभिन्न शिखर सम्मेलन

6 सामान्य विज्ञान

भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और प्रौद्योगिकी

सामान्य सिद्धांत

प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवीनतम विकास

7 सामयिक घटनाएं

इस में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के सभी घटनाएं शामिल हैं

सामयिकी

करंट अफेयर्स विश्लेषण

सभी आयामों के साथ करंट अफेयर्स

IFS प्रीलिम्स पेपर 1 का पाठ्यक्रम – (200 अंक)

अवधि: दो घंटे

  1. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वर्तमान घटनाएं
  2. भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन
  3. भारत एंव विश्व भूगोल – भारत और दुनिया का प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल
  4. भारतीय राजतंत्र और शासन – संविधान, राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, सार्वजनिक नीति, अधिकारों के मुद्दे आदि
  5. आर्थिक एंव सामाजिक विकास, सतत टिकने वाला विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहलें आदि
  6. पर्यावरण पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन पर सामान्य/ज्वलंत मुद्दे
  7. सामान्य विज्ञान

IFS प्रीलिम्स पेपर 2 का पाठ्यक्रम – (200 अंक)

  अवधि: दो घंटे  (यह केवल क्वालीफाइंग पेपर है जिसमें 33% अंक की जरूरत है)

  1. बोधगम्यता
  2. संचार कौशल सहित अंतर व्यक्तिक कौशल सहित
  3. तार्किक कौशल एंव विश्लेषणात्मक क्षमता
  4. निर्णय लेना और समस्या समाधान
  5. सामान्य मानसिक योग्यता
  6. आधारभूत संख्यात्मक योग्यता, संख्याएँ और उनमें आपसी-संबंध आदि (दसवीं कक्षा के स्तर का), डेटा इंटरप्रिटेशन चार्ट, ग्राफ, टेबल, डेटा पर्याप्तता आदि – (दसवीं कक्षा के स्तर का)।

 

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा मुख्य परीक्षा का पाठ्यक्रम

  • सिविल सेवा मुख्य परीक्षा में विषयों का बँटवारा अनिवार्य एवं वैकल्पिक विषयों  के रूप में किया गया है।

अनिवार्य विषयों में निबंध, सामान्य अध्ययन के चार प्रश्नपत्र, अंग्रेजी भाषा (क्वालिफाइंग) एवं हिंदी या संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल कोई भाषा (क्वालिफाइंग) तथा वैकल्पिक विषय के अंतर्गत विज्ञप्ति में दिये गए विषयों में से अभ्यर्थी द्वारा चयनित कोई एक वैकल्पिक विषय शामिल है।

मुख्य परीक्षा की वर्तमान प्रणाली इस प्रकार है-

प्रश्नपत्र-1 निबंध 250 अंक
प्रश्नपत्र-2 सामान्य अध्ययन-1: (भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल तथा समाज) 250 अंक
प्रश्नपत्र-3 सामान्य अध्ययन-2: (शासन व्यवस्था, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध) 250 अंक
प्रश्नपत्र-4 सामान्य अध्ययन-3: (प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा- प्रबंधन) 250 अंक
प्रश्नपत्र-5 सामान्य अध्ययन-4: (नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिवृत्ति) 250 अंक
प्रश्नपत्र-6 वैकल्पिक विषय- प्रश्नपत्र-1 250 अंक
प्रश्नपत्र-7 वैकल्पिक विषय- प्रश्नपत्र-2 250 अंक
प्रश्नपत्र-‘क’ क्वालिफाइंग-1  अंग्रेज़ी भाषा 300 अंक**
प्रश्नपत्र-‘ख’ क्वालिफाइंग-2 हिंदी या संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल कोई भाषा 300 अंक**
उप-योग (लिखित परीक्षा) 1750 अंक
व्यक्तित्व परीक्षण 275 अंक
कुल योग 2025 अंक

 

8.) निष्कर्ष – आज की हमारी इस पोस्ट ( IFS क्या होता है ) के माध्यम से आपने यह जान लिया होगा कि IFS क्या होता है और आप भी किस प्रकार आईफएस की तैयारी कर सकते है , अगर IFS से रिलेटेड और कोई सवाल हो तो आप नीचे comment box में लिखकर पूछ सकते है | हमारी टीम द्वारा आपकी हर सम्भव् सहायता की जाएगी |   धन्याद!

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